आपको बता दे कि मेडिटेशन सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा रही है, योगविद्या असटांग योग एक अंग है, इसके आठ अंग है, यम, नियम, आसन, प्राडायाम,प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, तथा समाधि, ध्यान का अर्थ है शान्ति एकाग्रता,योग करते समय एकाग्रता की जरूरत होती है, ऋषि मुनि बताते है कि ईष्वर का अनुसंधान, दृढ मनोबल,मन को निर्विचार करना, मन पर काबू पाना, जैसे कई उदषयो के साथ ध्यान किआ जाता है, ध्यान का प्रयोग प्राचीन काल से चला आ रहा है, साथ ही डॉ नवनिधि के वाधवा बताती है कि मेडिटेशन शरीर का खुराक है, शरीर को चलाते रहने के लिए खुराक देना जरूरी होता है, वैसे ही शरीर को मेडिटेशन की जरूरत होती है, उन्होंने और क्या का देखिए पूरा रिपोर्ट ।
Saturday, November 16, 2019
Launch Of Inner Ziva A Meditation And Breakfast Club With Dr Naavnidhi K Wadhwa And Shaina NC
मुम्बई: मरीन ड्राइव स्थिति ओरिएंटल क्लब में गुरुवार को इनर जीवा मेडिटेशन अंड ब्रेकफास्ट क्लब लांच हुआ, इस अवसर पर डॉ नवनिधि के वाधवा चेयर पर्सन इनर जीवा & शाइना NC और सैकड़ों के तादात में अलग अलग कॉलेज से आये विद्यार्थी मौजूद रहे ।






आपको बता दे कि मेडिटेशन सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा रही है, योगविद्या असटांग योग एक अंग है, इसके आठ अंग है, यम, नियम, आसन, प्राडायाम,प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, तथा समाधि, ध्यान का अर्थ है शान्ति एकाग्रता,योग करते समय एकाग्रता की जरूरत होती है, ऋषि मुनि बताते है कि ईष्वर का अनुसंधान, दृढ मनोबल,मन को निर्विचार करना, मन पर काबू पाना, जैसे कई उदषयो के साथ ध्यान किआ जाता है, ध्यान का प्रयोग प्राचीन काल से चला आ रहा है, साथ ही डॉ नवनिधि के वाधवा बताती है कि मेडिटेशन शरीर का खुराक है, शरीर को चलाते रहने के लिए खुराक देना जरूरी होता है, वैसे ही शरीर को मेडिटेशन की जरूरत होती है, उन्होंने और क्या का देखिए पूरा रिपोर्ट ।
आपको बता दे कि मेडिटेशन सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा रही है, योगविद्या असटांग योग एक अंग है, इसके आठ अंग है, यम, नियम, आसन, प्राडायाम,प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, तथा समाधि, ध्यान का अर्थ है शान्ति एकाग्रता,योग करते समय एकाग्रता की जरूरत होती है, ऋषि मुनि बताते है कि ईष्वर का अनुसंधान, दृढ मनोबल,मन को निर्विचार करना, मन पर काबू पाना, जैसे कई उदषयो के साथ ध्यान किआ जाता है, ध्यान का प्रयोग प्राचीन काल से चला आ रहा है, साथ ही डॉ नवनिधि के वाधवा बताती है कि मेडिटेशन शरीर का खुराक है, शरीर को चलाते रहने के लिए खुराक देना जरूरी होता है, वैसे ही शरीर को मेडिटेशन की जरूरत होती है, उन्होंने और क्या का देखिए पूरा रिपोर्ट ।
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