Noida: Indo Venezuela Film and Cultural Forum of ICMEI in association with Embassy of Venezuela in India organize two-day Festival of Short Films from Venezuela. Fifteen short films participated in the festival from Venezuela which was inaugurated by H.E. Coromoto Godoy Calderon Ambassador of Venezuela to India at Marwah Studios Film City Noida.
http://filmwalaexp.in/2022/09/10/festival-of-films-from-venezuela-at-marwah-studios/
Saturday, September 10, 2022
अभिनेता मयंक कौल की बॉलीवुड यात्रा है बेहद दिलचस्प
हाल ही में रिलीज़ हुई साई कबीर की फ़िल्म हॉली काऊ में मयंक कौल की अद्भुत प्रतिभा नजर आई
मयंक कौल भले ही नवोदित अभिनेता हों, लेकिन वह बॉलीवुड में काम करते रहने के लिए आए हैं। उनकी हाल ही में रिलीज़ हुई साई कबीर की फ़िल्म हॉली काऊ में मयंक की अद्भुत प्रतिभा और जुनून की झलक है। एक पेशेवर पर्वतारोही, मयंक ने हॉली काऊ और आगे के प्रोजेक्ट्स पर बात की:
सवाल - मुंबई आकर बॉलीवुड में किस्मत आजमाने के लिए आपको किस बात में प्रेरित किया?
जवाब - मैं हमेशा से फिल्मों में आना चाहता था। तो, मैं यहाँ हूँ जहाँ मेरा होना तय था!
सवाल - यह फिल्म हॉली काऊ आपको कैसे मिली? और फिल्म में आपका क्या रोल है?
जवाब - मैं एक लोकल गैंगस्टर के भतीजे की भूमिका निभा रहा हूं जो खुद एक गैंगस्टर भी है। यह एक मजेदार भूमिका है, यह एक ब्लैक कॉमेडी है। मैं निर्देशक साई कबीर के अधीन उनके सहायक के रूप में 2014 से काम कर रहा था और इस प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा था जब तक कि यह चरित्र सामने नहीं आया और उन्होंने मुझे यह रोल पेश किया और कैमरे के पीछे से मैं कैमरे के सामने आया (वह मुस्कुराते हैं)। यह बहुत लंबा ट्रैक नहीं है लेकिन यह दिलचस्प है।
सवाल - साई कबीर एक जाने माने निर्देशक हैं। जब आपको इस फिल्म में अभिनय करने का प्रस्ताव मिला तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी? और साईं के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा?
जवाब - यह बहुत अजीब लेकिन थोड़ी लंबी कहानी है कि उन्होंने मुझे जुहू में देखा जब मैं सिगरेट खरीद रहा था और वह भी सिगरेट खरीदने आए थे। उस समय वह युवाओं के बारे में एक फिल्म की योजना बना रहे थे जो वास्तव में कभी नहीं बनी और कास्टिंग कर रहे थे और मुझसे पूछा कि क्या मैं एक अभिनेता हूं और मुझे अगले दिन ओकवुड होटल में मिलने के लिए बुलाया, जहां वह और उनकी टीम काम कर रही थी और फिल्म का शीर्षक जवानी था जिसमें मुझे एक समानांतर लीड रोल की पेशकश की गई थी।
सवाल - क्या अभिनय आपका बचपन का सपना था या जीवन में बड़े होने के साथ यह शौक आप पर चढ़ा ?
जवाब - मुझमें धीरे-धीरे एक्टिंग का रूझान बढ़ता गया.
सवाल - इंडस्ट्री में पहले से ही बहुत सारे न्यूकमर्स हैं। आप कलाकारों के इस समुद्र में कैसे फिट होते हैं?उनमें से एक विजेता बनने के लिए आपकी क्या रणनीति है?
जवाब- हर दिन सड़क पर अधिक कार, स्कूटर, मोटरसाइकिल, ट्रक, बस आदि होते हैं, लेकिन हम लोगों से मिलने और काम को करने के लिए बाहर जाना बंद नहीं करते। तो भीड़ से वास्तव में कोई फर्क नहीं पड़ता। भीड़ के बावजूद हर जगह अवसर है।
सवाल - बॉलीवुड में आपका आदर्श कौन है? कोई सदाबहार पसंदीदा अभिनेता?
जवाब - संजय दत्त और इरफान खान
सवाल - आपका फिटनेस मंत्र क्या है?
जवाब - यह जेनेटिक है।
सवाल - आप खुद को कैसे आराम देते हैं?
जवाब -अच्छे संगीत, चंद लोगों, अच्छे दोस्तों के साथ मैं खुद को आराम देता हूं। कुछ हद तक अपने आप मे रहने वाला, मुझे बहुत सारे लोग पसंद नहीं हैं।
सवाल - आप मुंबई को एक शब्द में कैसे परिभाषित करते हैं?
जवाब - ऊर्जा, ऊर्जा और ऊर्जा..
अभिनेता मयंक कौल की बॉलीवुड यात्रा है बेहद दिलचस्प
http://www.24x7livenews.xyz/2022/09/10/actor-mayank-kaul-starts-his-bollywood-journey-in-style/
अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटी ज्योतिषी आचार्या पी. खुराना का मुम्बई में " स्प्रिचुअल सेशन " शिष्या शिल्पा धर भी रहीं उपस्थित
ज्योतिष से संबंधित 34 पुस्तकों के लेखक और एक अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटी ज्योतिषी के रूप में प्रसिद्ध आचार्या पी. खुराना एक प्रख्यात व्यक्तित्व के मालिक हैं और मानव जाति के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। पी खुराना भारत के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषियों में से एक हैं। कुंडली, वास्तु टिप्स और काल सर्प दोष के लिए शीर्ष भारतीय ज्योतिषी पी खुराना की व्यावहारिक आध्यात्मिक शिक्षाएँ इतनी बेहतर हैं कि उनके द्वारा की गई भविष्यवाणियाँ कभी गलत नहीं होती हैं। एस्ट्रो इंडिया की परिकल्पना पी. खुराना ने की है। पिछले दिनों मुम्बई के मिलेनियम क्लब में उनका एक स्प्रिचुअल सेशन रखा गया जहां उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और हमारी आधुनिक जीवम शैली में इसके प्रभाव पर बातें की। आचार्या पी खुराना की शिष्या शिल्पा धर भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।
पिछले 30 साल से अधिक वर्षो से वह एस्ट्रोलॉजी के क्षेत्र में हैं। अब तक उनकी 34 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। पी खुराना का कहना है कि आज लोगों में बर्दाश्त करने, धैर्य रखने का माद्दा नहीं है, तुरंत सब कुछ चाहिए। पहले शादी होती थी पैरेंट्स बात करते थे आज उल्टा ज़माना हो गया है बच्चे बात करते हैं। बड़ों की बातें माननी चाहिए। जिन्हें भी बेचैनी होती है, कोई समस्या होती है, उन्हें स्प्रिचुअल लेसन देता हूं। दिल्ली मुम्बई चंडीगढ़ में उनके स्प्रिचुअल सेशन होते हैं। हर इंसान का अपना काम करने का ढंग होता है वह ऑनलाइन परामर्श देने के बजाय मिलकर सलाह देते हैं। वह कहते हैं "आप किसी के हृदय की गहराई को टच नहीं कर सकते", बहुत अंतर हो जाता है।ऑनलाइन में लोगों का ध्यान पूरी तरह बात पर नहीं होता।
आज दुनिया का हर इंसान टेंशन में है। जॉब और कैरियर के लिए आज युवा पीढ़ी परेशान है, उन्हें सलाह देते हुए पी खुराना कहते हैं "हर व्यक्ति को यह भलीभांति मालूम होना चाहिए कि वह क्या कर सकता है। उसे अपनी क्षमता और प्रतिभा का एहसास होना चाहिए और उसे वही काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण भगवतगीता में कहते हैं "मैं चाहता हूं कि तुम वो करो, जो मैं चाहता हूँ। अर्थात आप जो कर सकते हो,वही करो। धागे को ज्यादा खींचोगे तो वह टूट जाएगा। हमारी वेबसाइट एस्ट्रोइंडिया डॉट कॉम पर क्लिक कर के लोग हमसे संपर्क स्थापित कर सकते हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि मेरी सभी 34 अंग्रेजी किताबो का हिंदी में अनुवाद भी प्रकाशित हो।
आचार्या पी खुराना की शिष्या शिल्पा धर का कहना है कि मैं अपनी आखरी सांस तक खुराना जी की शिष्या रहना चाहूंगी। यह मेरा सौभाग्य और ईश्वर का वरदान होगा अगर आने वाले कई जन्मों तक भी वह मेरे गुरु रहें। मेरी पहचान मेरे गुरु से है, मेरे नाम की पहचान आचार्या पी खुराना से जुड़कर बहुत बड़ी बन चुकी है। इनका आशीर्वाद मेरे साथ है, इनका हाथ मेरे सर पर है, मेरा अस्तित्व मेरे गुरु से है।
अध्यात्म एक ऐसी चीज है जो सिर्फ मनुष्य प्राप्त कर सकता है। क्योंकि इंसान के अंदर चेतना, मस्तिष्क, सोचने समझने की शक्ति है। वही इंसान अध्यात्म की ओर बढ़ सकता है जिसे सही और गलत का अंतर मालूम हो। अध्यात्म के लिए गुरु का होना आवश्यक होता है। आज के दौर में अध्यात्म इसलिए जरूरी है क्योंकि मनुष्य भूल चुका है कि वह इस धरती पर क्यों आया है। मनुष्य के जीवन का सारांश क्या है, खाना पीना शादी करना बच्चे पैदा करना नही है, मनुष्य के जीवन का सारांश है कि वह प्रभु से मिल सके। इस दुनिया मे कोई योगदान दे सके। अध्यात्म के बिना आपके जीवन मे स्पीड नहीं आ सकती। मन और आत्मा में पवित्रता होना जरूरी है। गुरू, मातापिता के प्रति भक्तिमय होना आज के समय की जरूरत है। अध्यात्म की पहली शर्त यह है कि अपने आप को भूल जाना। अपने आप को प्रभु को समर्पित कर दें। अपने अंदर से अहंकार को खत्म कर दें। निःस्वार्थ होकर लोगों की भलाई करें। सहनशीलता अध्यात्म का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। आपके अंदर सहनशीलता की भावना होनी चाहिए। जीवन मे आपको मेहनती और अनुशासित होना चाहिये। दुनिया मे आप मनुष्य बनकर सारे काम कीजए मगर अंदर से आध्यत्मिक रहिए। परीक्षण के बिना समर्पण की भावना जरूरी है। भक्तियोग से भी ऊपर कर्मयोग है। इसलिए कर्मयोगी बनिए,जो भी काम कीजए, उसमे अपना खून पसीना तप सबकुछ डाल दीजये। लोगों का भला करें, अपने कर्म को अच्छा रखे,विनम्र रहें तो जीवन मे आपको शांति संतुष्टि मिलेगी, आज हर कोई डिप्रेशन का शिकार है, लोग मनोवैज्ञानिक, काउंसलर के पास जाते हैं, दवाएं खाते हैं मगर अध्यात्म की ओर, गुरु के चरणों मे लोग नहीं जाते। यह घोर कलयुग है, लोगों को अब तो समझ लेना चाहिए।
छायाकार : रमाकांत मुंडे मुंबई
अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटी ज्योतिषी आचार्या पी. खुराना का मुम्बई में " स्प्रिचुअल सेशन " शिष्या शिल्पा धर भी रहीं उपस्थित
http://www.24x7livenews.xyz/2022/09/10/astrology-is-a-way-of-life-according-to-the-international-celebrity-astrologer-acharya-p-khurrana-who-stressed-upon-the-same-during-the-spiritual-session-in-mumbai-with-disciple-shilpa-dhar/